ये भी पढ़ें: MP News: सीएम मोहन यादव बोले- मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं, निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी
पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप मे शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। जिसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्मारती हुई।
आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि आज बाबा महाकाल का शृंगार कर भस्म अर्पित की गई। आज बाबा महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप के दर्शनो का लाभ हजारों भक्तों ने लिया और जय श्री महाकाल का जयघोष भी किया। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
यह है आरती का समय
- – भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक
- – दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- – भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- – संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- – संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- – शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.