Chakla belan kaise rakhna chahiye : चकला-बेलन ऐसी चीज है, जो हर घर में आराम से मिल जाएगी. वास्तु शास्त्र में ये मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी का प्रतीक हैं. इसे साफ, प्यार और आदर से सही दिशा में रखना चाहिए. सही रख-रखाव से घर में सुख-शांति, धन और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के स्वामी कामेश्वरानंद वेदांताचार्य से बात की.
वास्तु शास्त्र में चकला-बेलन को मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. इसे सही तरीके से रखना घर की बरकत और सुख-शांति के लिए बहुत जरूरी है. गलत जगह और गलत तरीके से रखने पर घर में नकारात्मकता बढ़ती है.

महंत स्वामी कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, चकला-बेलन से बनी पहली रोटी हमेशा गौमाता को खिलाएं. इसमें 33 कोटि देवताओं की ऊर्जा होती है. इससे पितृदोष और राहु-केतु का प्रभाव शांत होता है.

रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन को हमेशा अच्छे से साफ करें. इसे सीधा और सुरक्षित जगह पर रखें. उल्टा रखना या गंदा छोड़ना वास्तु दोष पैदा करता है और घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है.
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बेलन को चकले पर खड़ा करना या उल्टा लिटाना सबसे बड़ा वास्तु दोष है. इससे घर की खुशहाली रुक जाती है. चिड़चिड़ाहट में बेलन-चकला इधर-उधर फेंकना मां लक्ष्मी को नाराज करता है.

चकला-बेलन हमेशा प्यार और आदर से रखें. इससे घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती. अगर लंबे समय से धन की रुकावट है तो शुक्रवार को नया चकला-बेलन खरीदकर जरूरतमंद महिला को दान करें.

चकला-बेलन को दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व में साफ शेल्फ पर रखें. जमीन पर रखना अशुभ होता है. रात में सोने से पहले ढककर रखें. खुले छोड़ने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सुबह का भोजन प्रभावित होता है.

अगर चकला-बेलन पुराना या टूट गया है तो बहते पानी में प्रवाहित करें या किसी मंदिर में दान करें. नया चकला-बेलन ही घर में इस्तेमाल करें. पुराना रखना घर में अशुभ माना जाता है.
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