ग्वालियर में एक रिटायर्ड शासकीय अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उनसे केवल वॉट्सएप चेक करने को कहा और उनके खाते से 5 लाख रुपए गायब कर दिए। पीड़ित ने मंगलवार शाम एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
यह घटना ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी रमेश सिंह के साथ हुई। रमेश सिंह ढाई साल पहले कोल इंडिया एनसीएल सिंगरौली से सुपरवाइजर पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
रिटायरमेंट के बाद वे ग्वालियर स्थित अपने घर पर रह रहे थे और हाल ही में उन्हें सेवानिवृत्ति से जुड़ी एक बड़ी रकम मिली थी, जो उनके बैंक खाते में जमा थी।
22 दिसंबर को आया था कॉल रमेश सिंह ने बताया कि 22 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। पहली बार उन्होंने कॉल नहीं उठाई, लेकिन दूसरी बार आने पर उन्होंने फोन रिसीव कर लिया।
कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि उसने वॉट्सएप पर कुछ भेजा है, उसे चेक कर लें। रमेश सिंह को शक हुआ और उन्होंने इसे फ्रॉड कॉल समझा, लेकिन इसी दौरान उनके मोबाइल पर ओटीपी और बैंक से 5 लाख रुपए कटने का मैसेज आ गया।
खाता होल्ड होने से बच गए 2 लाख रुपए खाते से अचानक रकम निकलने की जानकारी मिलते ही वे घबरा गए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रमेश सिंह तुरंत बैंक पहुंचे और शाखा प्रबंधक को पूरी जानकारी दी। समय रहते उनके बैंक खाते को फ्रीज करा दिया गया।
इस दौरान साइबर ठगों ने खाते से दो लाख रुपए और ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन अकाउंट होल्ड हो जाने के कारण यह रकम सुरक्षित बच गई।
साइबर हेल्पलाइन नंबर पर की शिकायत घटना के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, साइबर सेल में भी एक शिकायती आवेदन दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है, जिसकी साइबर पुलिस जांच कर रही है।
मामले को लेकर सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
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