अरवल समाहरणालय परिसर में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि यह विकास योजनाओं की एक मजबूत आधारशिला है। इससे सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए सही योजनाएं बनाने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, डिजिटल डेटा संग्रहण और हाउस लिस्टिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। बताया गया कि इस बार कई प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएंगी, जिससे कार्य अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी होगा।
प्रशासन के अनुसार, भवन सूचीकरण (House Listing) का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। वहीं, स्वयं गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक चलेगी। नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी निर्धारित पोर्टल पर जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना का यह चरण आगामी विकास योजनाओं के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशिक्षण में उपस्थित कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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