इन विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
कानून व्यवस्था और विकास पर दिया जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है. उन्होंने कहा कि पहले राज्य की स्थिति काफी खराब थी और लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और बिहार में भय और असुरक्षा का माहौल खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दो दशकों में कानून व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ विकास के कई बड़े काम किए हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है.
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में शिक्षा की स्थिति काफी खराब थी और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी. लेकिन अब राज्य में सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर करीब 5 लाख 24 हजार हो चुकी है. इससे स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत हुई है और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बहुत कम मरीज इलाज के लिए आते थे. लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औसतन 11,600 मरीज हर महीने इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इससे साफ है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ा है.
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में भी नई पहल
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2008 में कृषि रोड मैप बनाकर राज्य में कृषि विकास की दिशा में काम शुरू किया गया था. इसके बाद लगातार कृषि रोड मैप लागू किए गए और 2019 से 2024 तक चौथा कृषि रोड मैप भी लागू किया गया. ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार की योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 50 लाख घरों की छत पर सोलर प्लेट लगाने की योजना पर सहमति बन चुकी है. इससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी.
गरीब परिवारों के लिए आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में सभी राजनीतिक दलों से बातचीत के बाद बिहार में जाति आधारित गणना कराई गई. इस गणना में यह सामने आया कि राज्य में करीब 94 लाख गरीब परिवार हैं, जिनमें सभी समाज के लोग शामिल हैं. सरकार ने इन परिवारों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये से अधिक की मदद भी दी जा सकती है.
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बिहार में जीविका समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है. इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए देश में भी आजीविका मिशन लागू किया गया है. उन्होंने महिलाओं से कार्यक्रम के दौरान अपील करते हुए कहा कि वे धैर्य से बैठकर सभी योजनाओं की जानकारी सुनें और इन योजनाओं का लाभ उठाएं.
केंद्र के सहयोग से आगे बढ़ेगा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में और अधिक विकास कार्य होंगे और बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा. समृद्धि यात्रा के दौरान अररिया को मिली 546 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
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