अररिया जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर जल-जीवन-हरियाली अभियान पर एक लाइव सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में जिला मिशन प्रबंधक मनीष कुमार ने अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की और आम लोगों को इसके उद्देश्यों, महत्व तथा प्रगति से अवगत कराया। यह महत्वाकांक्षी योजना बिहार सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना, भूजल स्तर को स्थिर करना, हरित आवरण बढ़ाना और राज्य भर में जल संरक्षण के कार्यों को गति देना है। 11 प्रमुख अवयवों पर कार्य किया जा रहा मनीष कुमार ने बताया कि यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है। इसके तहत 11 प्रमुख अवयवों पर कार्य किया जा रहा है। इनमें तालाबों, पोखरों, आहर-पाइनों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, व्यापक पौधारोपण, टपक सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रचार और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग शामिल हैं। इन कार्यों में राज्य के 14 संबंधित विभाग सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं, जिनमें ग्रामीण विकास, जल संसाधन, वन, कृषि और पर्यावरण विभाग प्रमुख हैं। उन्होंने अररिया जिले में चल रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला, जैसे सार्वजनिक जल संरचनाओं का नवीनीकरण, अतिक्रमण हटाना और सामुदायिक भागीदारी से पौधारोपण। “प्रकृति की रक्षा ही जीवन की सुरक्षा है” मनीष कुमार ने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण करने, पेड़ लगाने, जल बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “प्रकृति की रक्षा ही जीवन की सुरक्षा है।” मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच से बिहार पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह लाइव सत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का एक सराहनीय प्रयास था, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ी। अररिया जिला प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से अभियान को और मजबूत बना रहा है।
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