जैसलमेर जिले से जुड़े एक दर्दनाक मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। गुजरात के राजकोट में पढ़ाई कर रहे एक एमबीबीएस छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र की पहचान जैसलमेर निवासी रतन कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जो राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रतन कुमार का शव शनिवार सुबह राजकोट के परापीपलिया रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। घटना की सूचना मिलते ही गांधीग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्र ने मानसिक तनाव और परेशानियों का जिक्र करते हुए यह कदम उठाने की बात लिखी है।
सुबह 4 बजे हॉस्टल से निकले, एक घंटे बाद दी जान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रतन कुमार शनिवार सुबह करीब 4 बजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से निकले थे। इसके बाद वह पैदल ही रेलवे ट्रैक की ओर चले गए। लगभग एक घंटे बाद, सुबह करीब 5 बजे उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हॉस्टल प्रबंधन को भी सूचना दी। हालांकि इस मामले में एक अजीब स्थिति भी सामने आई है। AIIMS प्रशासन का कहना है कि रतन कैंपस में नहीं रहते थे, जबकि हॉस्टल के वार्डन ने ही मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की है। इस विरोधाभास को लेकर पुलिस भी तथ्य जुटाने में लगी हुई है।
पहले भी कर चुके थे आत्महत्या का प्रयास
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि रतन कुमार इससे पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे। बताया जा रहा है कि 28 जनवरी को भी वह सुबह-सुबह हॉस्टल से निकलकर उसी परापीपलिया रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए थे और ट्रेन के सामने कूदने की कोशिश की थी। उस समय आसपास के ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और समय रहते बचा लिया था। इसके बाद उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया था।
सुसाइड नोट में मानसिक तनाव का जिक्र
पुलिस को घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में रतन कुमार ने खुद के मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट और छात्र के मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किन कारणों से वह इतने तनाव में थे कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
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माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दुखद खबर ने जैसलमेर में रतन कुमार के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बेटे को डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोए बैठे माता-पिता के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं है। जैसे ही परिवार को इस घटना की सूचना मिली, घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
परिवार के सदस्य तुरंत राजकोट के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजकोट सिविल हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
वहीं, गांधीग्राम पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। छात्र के साथ पढ़ने वाले साथियों, कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रतन किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
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