केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए हो रही ड्रग्स, हथियारों की तस्करी को लेकर केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते राज्य में आज भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। विदेशों गैंगस्टरों चला रहे है नेक्सस
कनाडा, यूरोप, अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर पंजाब में टारगेट किलिंग, उगाही, अपहरण और डकैती का एक समानांतर आपराधिक तंत्र चला रहे हैं। कबड्डी खिलाड़ियों, सरपंचों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख नागरिकों की 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक 21 से अधिक टारगेट किलिंग सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश सीमावर्ती जिलों में हुई हैं। इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं ने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस की गंभीर विफलता को उजागर कर दिया है। पंजाब पुलिस भी पिछले कई वर्षों से एक एड-हॉक डीजीपी के अधीन काम कर रही है।
हर महीने 24 ड्रोन आ रहे हैं
रंधावा ने इस गंभीर सिथति में केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पूछा कि जब 2025 में 272 ड्रोन बरामद हो चुके हैं (औसतन हर महीने लगभग 24 ड्रोन) और आज भी अमृतसर व तरनतारन में हर सप्ताह ड्रोन गिर रहे हैं, तो केंद्र सरकार बीएसएफ को अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त बल क्यों नहीं दे रही है? जब ड्रोन तस्करी के मामले 2021 में 3 से बढ़कर 2024 में 179 हो गए हैं, तो केंद्र सरकार पंजाब सीमा को राष्ट्रीय सुरक्षा आपात स्थिति के रूप में क्यों नहीं ले रही? पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और विदेशों में बैठे गैंगस्टर जो पंजाब में हत्याओं और उगाही को संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? बार्डर से लगते छह जिले प्रभावित
पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पंजाब के छह जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का से होकर गुजरती है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिले, जिनमें श्री मुक्तसर साहिब और मोगा भी शामिल हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं।
उन्होंने 2025 से अबत क हुई हाई-प्रोफाइल हत्याओं का जिक्र भी प्रमुखता करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट है कि पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है। कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया*, कबड्डी प्रमोटर, को 15 दिसंबर 2025 को मोहाली में एक टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसकी जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली। तेजपाल सिंह (26), राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी, को 31 अक्टूबर 2025 को जगराओं (लुधियाना) में गोली मार दी गई। गुरविंदर सिंह, कबड्डी खिलाड़ी, की नवंबर 2025 में समराला (लुधियाना) में हत्या कर दी गई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी ली। गगनदीप सिंह, पूर्व कबड्डी खिलाड़ी और बाउंसर, को 5 जनवरी 2026 को जगराओं में गोली मार दी गई।
रंधावा ने कहा – केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार से पाकिस्तान और विदेशों में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया के माध्यम से हमलों की जिम्मेदारी लेने वाले और पंजाब में अपराधों का संचालन करने वालों के खिलाफ आधुनिक तकनीक से संयुक्त कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि पंजाब के लोग अमन शांति के साथ बिना भय का जीवन जी सकें।
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