हरियाणा में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है। अंबाला साइबर थाना पुलिस ने भाजपा के ओबीसी मोर्चा के सोनीपत जिले के कुंडली मंडल के महामंत्री सुनील कुमार को साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह साइबर ठगों को अपनी कंपनी के बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनमें ठगी की रकम जमा होती थी और बदले में उसे पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसकी फर्म के खाते में ढाई महीने में करीब पांच करोड़ रुपये जमा कराए गए, जिन्हें आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल में बंद है और पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। 8.92 लाख की ठगी से खुली परतें
मामला उस समय उजागर हुआ जब अंबाला के गोबिंद नगर निवासी रिटायर्ड आर्मी अधिकारी अनुपमा चौधरी ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। ठगों ने उन्हें ‘नो लॉस ट्रेडिंग’ का झांसा देकर व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाई। अलग-अलग कंपनियों के खातों में उनसे 8.92 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। गुजरात साइबर सेल की सूचना के बाद 10 फरवरी को थाना साइबर क्राइम अंबाला में केस दर्ज किया गया।
12 फरवरी को हुई गिरफ्तारी
एफआईआर के दो दिन बाद 12 फरवरी को अंबाला साइबर थाना पुलिस टीम सोनीपत पहुंची और कुंडली के गांव पबसरा से सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच की गई।
फर्म के खाते में पहुंचे पांच करोड़ रुपये
पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील कुमार ने आरोग्यम एग्रोमिल्स प्रा.लि. नाम से फर्म बना रखी थी। साइबर ठग इस फर्म के बैंक खाते में देशभर के लोगों से ठगी गई रकम जमा कराते थे। पिछले ढाई महीने में करीब पांच करोड़ रुपये खाते में जमा कराए गए और बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए। इस लेनदेन पर आरोपी को पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। गिरोह का नेटवर्क और सरगना विदेश में
पूछताछ में आरोपी ने दिल्ली निवासी शुभम बंसल का नाम लिया, जो खातों के प्रबंधन और रकम की निकासी में भूमिका निभाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना विदेश से नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है, जिसकी तलाश जारी है। डिजिटल ट्रांजेक्शन ट्रेल, आईटी लॉग्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
दो साल पहले बना था पदाधिकारी
सुनील कुमार दो साल पहले भाजपा के ओबीसी मोर्चा के कुंडली मंडल का महामंत्री बना था। तिरंगा यात्राओं और रैलियों में वह स्थानीय विधायकों और मुख्यमंत्री के साथ भी नजर आता था। ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनोद बैरागी ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उसे पद और प्राथमिक सदस्यता से हटाया जाएगा।
नई कार और गांव में चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार आरोपी ने हाल ही में किआ कंपनी की कैरेंस कार खरीदी थी और उस पर भाजपा का झंडा लगाया हुआ था। गांव में उसकी आटा चक्की है, जिसके नाम से फर्म बनाई गई थी। चर्चा है कि कर्ज उतारने के लिए उसने साइबर गिरोह से हाथ मिलाया।
म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, वे कथित तौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल किए गए। गिरोह अलग-अलग राज्यों के लोगों को निवेश का झांसा देकर रकम ट्रांसफर कराता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और अन्य संभावित खाताधारकों की पहचान की जा रही है।
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