Ambala Public Opinion: हरियाणा में अंबाला और आसपास के जिलों में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के चेहरे मुरझा दिए हैं. गेहूं, सरसों, आलू और सब्जी की फसलें बारिश और ओले से खराब होने के कगार पर हैं. किसानों का कहना है कि इससे उन्हें हजारों रूपये का नुकसान होगा और सरकार से मुआवजा मिलने की जरूरत है.
अंबाला: हरियाणा में मौसम ने फिर करवट ली है. अंबाला समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली है. मंगलवार सुबह से अंबाला जिले में हो रही बारिश के कारण किसानों के चेहरे एक बार फिर मुरझाए नजर आए. कई जगह बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान का खतरा सताने लगा है. अंबाला जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जी, चारा और गेहूं की फसलें लगी हुई हैं. जिससे किसान डरे हुए है क्योंकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होने की संभावना जताई है.
फसलों को हुआ गंभीर नुकसान
लोकल 18 से बातचीत में किसान बलजिंदर सिंह ने बताया कि 23 तारीख को हुई बारिश से फसलों को पहले ही 30 प्रतिशत नुकसान हो चुका था. लेकिन आज ओलावृष्टि और बारिश के बाद गेहूं की 80 प्रतिशत फसल खराब होने के कगार पर है. उन्होंने बताया कि सरसों की फसल भी बारिश के बाद पूरी तरह खराब हो जाएगी.
बलजिंदर सिंह ने आगे बताया कि आलू की फसल के दाम मंडी में इस बार काफी कम मिल रहे हैं और बारिश से खेत की मिट्टी कीचड़ जैसी हो गई है. ऐसे आलू अब फटने लगेंगे. उन्होंने कहा कि 20 एकड़ जमीन पर लगी गेहूं की फसल में कई पौधे बारिश से टूट गए हैं.
पशु चारे की फसल भी बर्बाद वहीं, अंबाला के पिलखनी गांव के किसान करमजीत सिंह ने बताया कि उनके गांव में कई किसानों ने पशुओं के चारे की खेती की थी. अब बारिश और ओलावृष्टि के बाद वह सारी फसल बर्बाद हो गई है. ओले और पानी के कारण फसल खेत में बिछ गई है, जिससे जानवरों को चारा देना मुश्किल हो गया है. आगे करमजीत सिंह ने बताया कि अब वह केवल सूखा भूसा ही अपने पशुओं को देंगे. उनकी पांच एकड़ जमीन पर लगी सरसों की फसल पहले ही आधी खराब हो चुकी थी. दोबारा बारिश के बाद अब यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी. किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें मुआवजा दिया जाए.
किसान परेशान, सरकार से मुआवजे की मांग
किसान परमजीत सिंह ने बताया कि बेमौसमी बारिश के कारण किसानों को खून के आंसू रोने को मजबूर होना पड़ा है. पहले ही उन्हें फसलों का उचित दाम नहीं मिलता था और अब यह बारिश उनके लिए आफत बन गई है. उनके गांव में आलू, शिमला मिर्च, सरसों और टमाटर की खेती की जाती है.
परमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद 10 एकड़ जमीन पर आलू की खेती की हुई थी, जिसमें से पांच एकड़ अभी लगे हैं. अब इस बारिश के बाद यह पूरी तरह खराब होने के कगार पर हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्दी से मुआयना कर किसानों को मुआवजा देना चाहिए.
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Seema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें