अंबाला छावनी के फारूका खालसा स्कूल में भारतीय हॉकी टीम के कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता बलदेव सिंह का आज जोरदार स्वागत किया गया. हॉकी जगत में उनके योगदान और 45 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए उन्हें हाल ही में पद्मश्री अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है. स्कूल प्रशासन और छात्रों ने उन्हें सम्मानित किया और उन्होंने हॉकी के विकास, हरियाणा की खेल नीति और युवा खिलाड़ियों के भविष्य पर भी अपने विचार साझा किए.
जमीनी स्तर से हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
बलदेव सिंह भारतीय हॉकी के उन कोचों में शामिल हैं जिन्होंने छोटे कस्बों से खेल को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में स्थापित उनकी हॉकी अकादमी ने भारतीय महिला हॉकी को मजबूत टैलेंट देने में सफलता हासिल की. उनकी देखरेख में लगभग 45 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हुए हैं. कोच बलदेव सिंह अपने सख्त अनुशासन और कड़ी ट्रेनिंग के लिए पहचाने जाते हैं. उन्हें हॉकी खिलाड़ियों द्वारा “वन मैन आर्मी” भी कहा जाता है. वर्तमान में वह लुधियाना, पंजाब में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं.
अंबाला में पुराना संबंध और हॉकी सेंटर
लोकल 18 से बातचीत में बलदेव सिंह ने बताया कि उनका अंबाला से पुराना रिश्ता है और यहां वे हॉकी का एक अच्छा सेंटर चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने 17 साल की आयु में हॉकी खेलना शुरू किया और नेशनल लेवल तक खेला. हरियाणा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में शामिल होने के बाद उन्होंने 1 जनवरी 1982 को शाहाबाद के आर्य स्कूल में प्रशिक्षण शुरू किया. छोटे स्टेडियम के कारण 1986 में सिरसा जिले के जीवन नगर सेंटर में प्रशिक्षित करने जाना पड़ा. 1992 में उन्होंने शाहाबाद के श्री गुरु नानक प्रीतम गर्ल्स हॉकी स्टेडियम में महिला टीम को प्रशिक्षित करना शुरू किया. उनकी अगुआई में यहां की महिला हॉकी टीम ने दिल्ली में हर साल होने वाले नेहरू हॉकी टूर्नामेंट को 11 बार जीता. 1999 में आंध्र प्रदेश के तिरुपति टूर्नामेंट में स्कूल की टीम ने इंडियन रेलवे की टीम को हराया.
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का निर्माण
बलदेव सिंह की देखरेख में कई दिग्गज हॉकी खिलाड़ी तैयार हुए, जिनमें रानी रामपाल, रितु रानी, संदीप सिंह, सुरिंदर कौर और जसजीत कौर जैसी कप्तान शामिल हैं. उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2009 में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया. अब उन्हें पद्मश्री अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है, जिसके लिए उन्होंने भारत सरकार का धन्यवाद भी किया.
हरियाणा की खेल नीति और सुझाव
बलदेव सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति काफी प्रभावी है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य खेलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि इस नीति को दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं, लेकिन पंजाब अभी पीछे है. उन्होंने सुझाव दिया कि हिसार में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ और हॉकी नर्सरी बनाई जानी चाहिए. इसके अलावा, अंबाला में भी एक बड़ा मैदान और एस्ट्रोटर्फ की आवश्यकता है. बलदेव सिंह ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों की ओर प्रोत्साहित करें और उनके टैलेंट को पहचानकर भविष्य बनाने में मदद करें. उन्होंने कहा कि जैसे राजस्थान में नेशनल या यूनिवर्सिटी लेवल पर तीन मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को सरकारी नौकरी मिलती है, वैसे ही हरियाणा में भी इस तरह के प्रोत्साहन मिलने चाहिए.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें
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