धार्मिक नगरी उज्जैन में नववर्ष को लेकर काफी उत्साह है। लेकिन इस बार शराब बंदी का असर नववर्ष पर होने वाली पार्टियों में देखने को मिल रह है। कई होटल और क्लब में इस बार पार्टी नहीं हो रही है।
इधर महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में सजावट के साथ अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। हालांकि नववर्ष पर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्यवाही की बात कही है।
बता दें कि 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को महाकाल मंदिर में आने वाले भीड़ की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कई व्यवस्था की है। महाकाल मंदिर में दो दिनों में 5 लाख से अधिक श्रद्धालु आने की सम्भावना को देखते हुए पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शहर में 20 दिसम्बर से ही भारी भीड़ है। 31 और 1 को लेकर डायवर्शन प्लान जारी कर दिया है। इसके लिए 200 सीसीटीवी कैमरे 5 ड्रोन अश्वरोही दल, 1200 पुलिसकर्मी और 150 महिला पुलिसकर्मियों भी तैनात रहेंगे है।
शराब बंदी का असर पार्टियों पर
धार्मिक शहरों में हुई शराब बंदी के बाद उज्जैन नगर निगम की सीमा में शराब बेचने और बैठाकर पिलाने को प्रतिबंधित किया हुआ। हर साल कई होटलों में होने वाली पार्टियां इस बार नहीं हो रही है। इस बार माधव क्लब में भी पार्टी का आयोजन नहीं होगा। मित्तल होटल सहित कुछ होटलों में आयोजन होगा इसके लिए पास वितरित किए गए है।
नववर्ष के लिए सजेगा महाकाल मंदिर
महाकाल मंदिर में बड़ोदा की 108 लोगो की टीम सजावट कर रही है। जिसमें 11 हजार डमरू और 5 लाख रुद्राक्ष से मंदिर के शिखर सहित महाकाल लोक और चार द्वार को सजाया जाएगा। महाकाल मंदिर में इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु के महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
डमरू से लिखा महाकाल।
31 दिसंबर को बंद रहेगी ऑफलाइन ऑन, लाइन भस्म आरती
महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर समिति ने 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को ब्लाक कर दिया है। श्रद्धालुओं के लिए चलित भस्म आरती खुली रहेगी। इस दौरान भक्त सुबह लाइन में लगकर भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें पहले से अनुमति भी नहीं लेनी होगी। हालांकि 1 जनवरी को साल के पहले दिन होने वाले भस्म आरती की ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों ही बुकिंग मंदिर समिति ने बंद कर दी है।

मंदिर के द्वार पर की गई सजावट।
यहां से मिलेगा प्रवेश
प्रातः 4:00 बजे होने वाली भस्म आरती में चलित भस्मारती हेतु श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी द्वार से रहेगा। श्रद्धालुओं के सामान्य दर्शन के लिए मार्ग चारधाम पथ से प्रारंभ होकर शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी मार्ग से मानसरोवर तक निर्धारित किया गया है। उक्त व्यवस्था के अनुसार अन्य सभी प्रवेश द्वार बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जूता स्टैंड की व्यवस्था चारधाम पर स्थापित की गई है।
इस्कॉन मंदिर में भी होगा नववर्ष समारोह
आईएएसडब्ल्यू उज्जैन (इस्कॉन) द्वारा आध्यात्मिक नववर्ष समारोह मनाया जाएगा। जिसमें आईएएसडब्ल्यू उज्जैन, इस्कॉन के तत्वावधान में 31 दिसंबर को शाम 4 से 8 बजे तक एक आध्यात्मिक नववर्ष समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कीर्तन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, आध्यात्मिक खेल, एकादशी प्रसाद एवं रिटर्न गिफ्ट्स शामिल होंगे। यह आयोजन सभी आयु वर्ग की बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए आयोजित होगा।
1 जनवरी को साईंबाबा को लगेगा छप्पन भोग
नववर्ष के उपलक्ष्य में अलखधाम नगर स्थित साईं मंदिर में महाआरती एवं छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा। 1 जनवरी को सुबह सुबह 6 बजे काकड़ आरती के बाद साईं बाबा का दुग्धाभिषेक, पूजन कर आरती की जाएगी। सुबह 10 बजे से भजन संध्या होगी। दोपहर 12 बजे भारत माता की महाआरती होगी। शाम को 6 बजे साईंबाबा को 56 भोग अर्पित किया जाएगा।
मां चामुंडा माता मंदिर में 5 क्विंटल मिठाई का लगेगा छप्पन भोग
1 जनवरी चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति के स्थापना दिवस के अवसर पर चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति द्वारा मां चामुंडा को भव्य श्रृंगार कर 5 क्विंटल मिठाई का भव्य 56 भोग लगाकर प्रातः आरती के पश्चात से निरंतर रात्रि 12:00 तक दर्शनार्थियों को शुद्ध घी से निर्मित हलवा प्रसाद वितरण किया जाएगा। 2 जनवरी को 56 भोग प्रसादी का वितरण किया जाएगा तथा माता जी के मंदिर को हिमालय पर्वत का रूप देकर श्रृंगार किया जाएगा।
श्री चिंतामण गणेश मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश और प्रोटोकाल दर्शन बंद
31 दिसंबर और 1 जनवरी को सुबह 4 बजे से चोला-शृंगार प्रारंभ होगा और 6 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। जो रात 9.30 बजे तक चलेंगे। गर्भगृह में प्रवेश और प्रोटोकाल दर्शन बंद रहेंगे। कतार बनाने के लिए बैरिकेड्स से जिगजैग बनाया है। दो दिनों में करीब 1 लाख दर्शनार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है।
कालभैरव मंदिर में सुबह 6 से रात 10 बजे दर्शन होंगे
श्री कालभैरव मंदिर में भी गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। यहां भी प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद है। सुबह 6 से रात 10 बजे दर्शन होंगे। यहां बैरिकेडिंग के जरिए जो दो जिगजैग बनाए गए हैं। 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को दो दिनों में 2 लाख से दर्शनार्थी पहुंचने की उम्मीद है।
मंगलनाथ मंदिर में शीघ्र दर्शन और प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था दो दिन बंद
मंगलनाथ मंदिर पर आगामी दो दिनों में करीब 2 लाख से अधिक श्रद्धालु के पहुंचने की उम्मीद है। प्रबंधक केके पाठक ने बताया गर्भगृह में दर्शन सभी के लिए बंद हैं। शीघ्र दर्शन और प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था दो दिन बंद रहेगी। बैरिकेड्स के जरिए तीन कतार बनाई गई है जिसके जरिए दर्शनार्थी मंदिर में गर्भगृह के सामने से दर्शन कर रहे हैं। दर्शन सुबह 6.30 बजे से रात 10 बजे तक होंगे।

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