Last Updated:
Jehanabad Sahjan Farming : जहानाबाद के वाणावर क्षेत्र में शिवनगर गांव के लोग 500 सहजन के पेड़ लगाकर बंजर जमीन पर खेती से 10 हजार रुपए तक कमाई कर रहे हैं, मोरिंगा पत्तियां दवाई यूनिट को बेचते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.
जहानाबाद : आज बिहार में भी खेती-किसानी किसानों के कमाई का प्रमुख स्रोत बन गया है. हालांकि जब बात पहाड़ी क्षेत्र की आती है तो यहां कृषि कार्य बहुत ही चुनौतीपूर्ण हो जाती है. ऐसी स्थिति में जब तक सरकार का सहयोग नहीं मिल पाता है, तब तक खेती समस्या पैदा कर सकती है. बिहार में ऐसे कई क्षेत्र हैं. जहां पहाड़ हैं. यहां की जमीनें भी बंजर जैसी हैं और खेती कार्य करना मुश्किल होता है. इन इलाकों में जहानाबाद जिले का वाणावर का तलहटी वाला क्षेत्र भी शामिल है. जहां खेती का कार्य कम हो पाता है. यहां की जमीनें बंजर जैसी हैं. हालांकि यहां पर गांव की कुछ महिलाएं खेती में कमाल कर रही हैं. आइये जानते हैं इनके बारे में.
जिले के शिवनगर गांव निवासी लोगों ने इस बंजर जमीन पर भी कमाई का रास्ता निकाल लिया है. यहां की महिलाएं और पुरुष दोनों सहजन की खेती करके अपनी आजीविका चला रहे हैं. यह गांव जिला मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर है. पहाड़ की तलहटी में बसा यह गांव 100 घर की बस्ती वाला है, लेकिन फिर भी गांव के लोगों ने हर घर में सहजन का पौधा लगा रखा है. अभी सीजन भी मोरिंगा (सहजन) की खेती का है. यहां पर यदि आते हैं तो हर घर में आपको सहजन के पौधे दिख जाएंगे. अभी सहजन के पौधों में फूल निकला हुआ है. कुछ ही दिनों में फल भी निकल जायेगा.
बंजर भूमि पर निकाला कमाई का रास्ता
यहां के ग्रामीण मोरिंगा के फल के साथ-साथ पत्तियों की भी बिक्री करते हैं. बगल में मोरिंगा पत्तियों से बनने वाली दवाई का यूनिट है. जहां 20 रुपए प्रति किलो पत्तियां खरीदी जाती है. सहजन के फल की सप्लाई जहानाबाद सब्जी मंडी में रोजाना करते हैं. हर दिन का उत्पादन 1 से 2 क्विंटल तक रहता है. गांव के लोगों को इस सब्जी के उत्पादन हर साल 5 हजार से 10 हजार रुपए तक की कमाई होती है. इससे उनका आजीविका चलता है. इस सब्जी की खेती में ज्यादा खर्च भी नहीं आता है और बिना खर्च अच्छी कमाई होती है.
रोजाना 2 क्विंटल तक उत्पादन
वहीं, गांव निवासी सोनी देवी ने कहा कि हमारा गांव पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. यहां पानी की भारी तकलीफ रहती है. इस कारण खेती कार्य करना मुश्किल है. यही कारण है कि हमलोग ने कमाई का कुछ रास्ता निकाला और सहजन की खेती करना शुरू किया. इस कार्य में ज्यादा खर्च भी नहीं आता है और शुद्ध लाभ मिल जाता है. सीजन में हर दिन 2 क्विंटल तक उत्पादन होता है. इससे हर साल 10 हजार रुपए तक कमाई हो जाती है.
गांव में हैं 500 सहजन के पेड़
वहीं, गांव निवासी एक युवक ने कहा कि वह पढ़ाई के साथ-साथ घर परिवार को इस कार्य में सहयोग करता हैं. क्योंकि यही एक साधन है, जिसकी खेती यहां पर संभव है. सहजन की खेती बड़े पैमाने पर होती है., यहां कम से कम 500 पेड़ है और इस सीजन में 2 क्विंटल तक हर दिन उत्पादन होता है. रोजाना सब्जी मंडी तक फल ले जाने में सहयोग करते हैं. ताकि घर की कमाई में सहयोग कर सकें.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.