महिला बोगी में सफर करने वाले पुरुष यात्रियों को अब खैर नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूर्व मध्य रेल के 5 डिवीजन में पुरुष यात्रियों को महिला बोगी में चढ़ने से रोकने के लिए मार्च तक स्पेशल टीम बनेगी। टीम अचानक किसी भी ट्रेन का निरीक्षण करेगी और मह
पटना जंक्शन, दानापुर स्टेशन, पाटलिपुत्र जंक्शन, राजेन्द्र नगर टर्मिनल सहित पूर्व मध्य रेल के बड़े स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर रुकने वाली ट्रेनों के महिला बोगी की मॉनिटरिंग बड़े पैमाने पर की जाएगी। प्लेटफॉर्म पर ही महिला बोगी में पुरुष यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगेगी। खासकर, पटना से गुजरने वाली और खुलने वाली एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के महिला बोगी पर नजर रखी जाएगी।
रेलवे के तमाम दावे के बाद भी महिला बोगी में पुरुष यात्री पकड़े जा रहे हैं। आरपीएफ के जवान प्लेटफॉर्म पर घुमते रहते हैं आैर महिला बोगी में पुरुष यात्री प्रवेश करते रहते हैं। महिला बोगी में पुरुष यात्री होने पर कई बार आरपीएफ और जीआरपी पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। इसकी वजह- स्टाफ की कमी, ट्रेन में निगरानी का अभाव और महिलाओं द्वारा औपचारिक शिकायत न करना भी है। कभी-कभी ड्यूटी में लापरवाही या मामले को हल्के में लेना भी देखा जाता है। यदि आरपीएफ कार्रवाई न करे तो महिला यात्री 139 हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकती है।
पिछले साल 15000 पुरुष यात्री पकड़े गए
दानापुर, समस्तीपुर, सोनपुर सहित पूर्व मध्य रेल के 5 रेल मंडलों में चलने वाली पैसेंजर ट्रेन के महिला बोगी में पुरुष यात्री हर दिन यात्रा करते हैं। 2025 में करीब 15000 पुरुष यात्री महिला बोगी में पकड़े गए है। वहीं ऑपरेशन ‘महिला सुरक्षा’ के तहत दिसंबर 2025 में 2629 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें सर्वाधिक 1371 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गए, जबकि पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 706, समस्तीपुर मंडल में 240, सोनपुर मंडल में 166 तथा धनबाद मंडल में 146 पुरुष यात्रियों कोे हिरासत में लिया गया।
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