सारण जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, छपरा में सक्रिय दलालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी क्लीनिकों में ले जाने की शिकायतों के बीच चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और कार्रवाई की गई है। बनियापुर थाना क्षेत्र के पिठौरी गांव के शक्करवार टोला निवासी शांति देवी को कथित रूप से गुमराह कर पटना के एक निजी क्लीनिक में ले जाने के मामले में संबंधित दलाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्व में हुई थी संयुक्त छापामारी
इससे पहले सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल में छापामारी की थी। छापामारी के दौरान कई निजी एम्बुलेंस संचालकों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को गुमराह करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी अस्पतालों की जांच वरीय पदाधिकारियों से कराई गई थी। सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप पुलिस चेक पोस्ट की स्थापना भी की गई, ताकि बाहरी तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। इसके बावजूद शांति देवी को इलाज के नाम पर पटना स्थित निजी क्लीनिक ले जाने की घटना सामने आई। परिजनों द्वारा दिए गए लिखित परिवाद और संबंधित दलाल के फोटोग्राफ के आधार पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ कृष्ण मोहन दूबे ने भगवान बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
दलाली पर पूर्ण विराम लगाने की चेतावनी
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पताल परिसर में दलाली की प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अस्पताल से मरीज को निजी संस्थान ले जाने के लिए दबाव डालता है या बहकाता है, तो इसकी सूचना तत्काल अस्पताल प्रशासन या पुलिस को दें।
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