सीहोर में मृतक सचिन के परिजनों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने पुलिस पर 22 वर्षीय सचिन की हत्या को दुर्घटना का मामला बनाने और हत्यारोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने एफआईआर दर्ज कर मजिस्ट्रियल न्यायिक जांच
ग्राम बिजलोन निवासी लीला किशन और देवकी बाई ने बताया कि उनका पुत्र सचिन (22 वर्ष) मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह बरखेड़ी में खेत पर मेथी को मिनीट्रक में लोड करने गया था। उसी दिन उन्हें फोन पर सूचना मिली कि सचिन गाड़ी से गिर गया है।
परिजनों के अनुसार, सचिन के शरीर और गले पर कई निशान थे। उनके मना करने के बावजूद पुलिस ने सचिन को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि झगड़े में हुई हत्या है।
न्यायिक जांच की मांग की परिजनों ने कई बार कोतवाली थाने जाकर बताया कि उनके बेटे की मौत गिरने से नहीं, बल्कि झगड़े में हुई हत्या है। हालांकि, पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और आरोपियों को पकड़ा या उनसे पूछताछ नहीं की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हत्या की घटना को दुर्घटना का रूप देकर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया है।
जनसुनवाई में कलेक्टर बालागुरु ने परिजनों के आवेदन को एसपी के पास भेजने का आश्वासन दिया, जबकि एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने पूरे मामले की फिर से जांच कराने का भरोसा दिलाया। न्याय न मिलने पर मृतक के पिता ने परिजनों के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी है।
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