मिली जानकारी के अनुसार शैलेन्द्र मिश्रा वर्ष 2024 में उच्च शोध कार्य के लिए इस्राइल गए थे। लेकिन अब ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वहां हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिनकी वजह से इस्राइल के कई इलाकों में सायरन बज रहे हैं और लोगों को सुरक्षित बंकरों में शरण लेनी पड़ रही है।
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युद्ध जैसे हालात के बीच शैलेन्द्र मिश्रा का परिवार रीवा में बेहद चिंतित है। हालांकि, शैलेन्द्र ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने परिवार और परिचितों को आश्वस्त किया है कि वह फिलहाल सुरक्षित हैं। वीडियो में उन्होंने बताया कि यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और जैसे ही सायरन बजता है, सभी लोग तुरंत बंकर में चले जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मिसाइल हमलों की आवाजें कई बार सुनाई देती हैं, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।
उधर, इस्राइल में मौजूद भारतीयों को लेकर भारत में भी चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इस समय करीब 10 हजार से अधिक भारतीय नागरिक इस्राइल में रह रहे हैं, जिनमें छात्र, रिसर्चर और कामकाजी लोग शामिल हैं। रीवा में शैलेन्द्र मिश्रा के परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि युद्ध के हालात को देखते हुए वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था भी की जाए।
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