नवादा|प्राइमरी से इंटर स्कूलों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना के जरिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट की आपूर्ति की जा रही है। इसमें ढोल, कैसियो, झाल, डपली, घुंघरू, स्पीकर, माइक जैसे कई इंस्टूमेंट हैं। बैगलेस डे को सफल बनाने के मकसद से यह पहल की गयी है। लेकिन, व्यवस्था की खामियों के कारण सरकार के उद्देश्यों को झटका लग रहा है। जिले के उत्क्रमित मिडिल स्कूल सिकंदरा, मिडिल स्कूल भदोखरा और मिडिल स्कूल समाय समेत अनेक ऐसे स्कूल हैं, जहां फटे ढोल मिले हैं। बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष ओंकार नाथ राय ने कहा कि म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को लेकर विभाग ढोल पीट रहा है लेकिन, व्यवस्था में खामियों के कारण योजना पर असर पड़ रहा है। प्रिंट मूल्य के हिसाब से सामग्री नहीं दी जा रही है। शिक्षा विभाग की डीपीओ वर्षा ने कहा कि इंस्ट्रूमेंट पटना से आपूर्ति की जा रही है। क्वालिटी की जानकारी नहीं है। स्कूलों से रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट पता चल पाएगा। जिले में प्राइमरी से इंटर तक करीब 1800 स्कूल हैं। मध्य विद्यालय, भदोखरा में मिला फटा ढोलक। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिकंदरा का फटा ढोल
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