जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर लिफ्ट बंद होने से घबराए कर्मी की बाहर निकलने की कोशिश में डक्ट में गिरने से माैत हो गई। होटल क्लीओ में यह हादसा रविवार सुबह हुआ। पुराना पंचकूला निवासी राजा (25) यहां काम करता था। छह मंजिला होटल के पांचवें और छठे मंजिल के मध्य में लिफ्ट बंद हो गई। बैकअप मिलने से पहले से राजा घबरा गया। उसने लिफ्ट खोलकर छठे मंजिल पर चढ़ने की कोशिश की। इसी प्रयास में पांचवीं मंजिल से सीधे डक्ट में जा गिरा। लहूलुहान हालत में उसको निजी अस्पताल ले जाया गया। डाॅक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
होटल प्रबंधन के अनुसार रविवार को राजा अपने साथी रवि के साथ होटल की लिफ्ट से नीचे आ रहा था। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते लिफ्ट अचानक बीच में बंद हो गई। उसने लिफ्ट के दोबारा चालू होने का इंतजार किए बिना जबरन दरवाजा खोलने का प्रयास किया। दरवाजा थोड़ा खुलते ही राजा ने खुद को बाहर निकालने के लिए छठे मंजिल की तरफ छलांग लगा दी। इस दाैरान वह सीधे लिफ्ट की डक्ट में जा गिरा। लोहे के एंगल में सिर लगने से वह लहूलुहान हो गया। राजा गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायल को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच अधिकारी एसआई जीवन सिंह ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। हादसे के बाद परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
होटल मैनेजमेंट प्रबंधकों के अनुसार इन सावधानियों का पालन करें
सबसे पहले शांत रहें, घबराहट में गलत फैसला लेने से हादसे की आशंका बढ़ जाती है। गहरी सांस लें और खुद को संभालें। लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश न करें, लिफ्ट बीच में रुकी हो तो दरवाजा जबरन खोलना बेहद खतरनाक होता है। इससे गिरने या गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। अलार्म बटन दबाएं। हर लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म बटन होता है। उसे दबाकर बिल्डिंग स्टाफ या सुरक्षाकर्मियों को सूचित करें। इमरजेंसी फोन/इंटरकॉम का इस्तेमाल करें। आधुनिक लिफ्टों में कंट्रोल रूम से संपर्क के लिए फोन या इंटरकॉम होता है। उसकी मदद से अपनी स्थिति बताएं। मोबाइल नेटवर्क होने पर कॉल करें। यदि मोबाइल में नेटवर्क है तो होटल, बिल्डिंग प्रबंधन, सुरक्षा गार्ड या किसी परिचित को तुरंत सूचना दें। बैठ जाएं या दीवार से टिककर खड़े रहें यह अचानक लिफ्ट चलने या झटके की स्थिति में संतुलन बनाए रखने के लिए यह सुरक्षित रहता है। हवा की चिंता न करें। लिफ्ट में वेंटिलेशन की व्यवस्था होती है। कुछ समय तक हवा की कमी नहीं होती, इसलिए घबराएं नहीं। बच्चों और बुजुर्गों को संभालें। अगर साथ में बच्चे, बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति हों तो उन्हें शांत रखें और बैठा दें। बचाव दल के आने का इंतजार करें। तकनीकी कर्मचारी या दमकल विभाग के पास लिफ्ट खोलने के सुरक्षित उपकरण होते हैं। उन्हीं की मदद से बाहर निकलें।
ये गलतियां बिल्कुल न करें
लिफ्ट की छत से बाहर निकलने की कोशिश, रस्सी या दरवाजा या किसी तार को खींचना, छलांग लगाने का प्रयास न करें।
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