धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की अंदरूनी व बाहरी दीवारों में दरारें पड़ गईं तथा छत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। घर के अंदर लगा एसी, सीमेंट की बनी पानी की टंकी, कमरों में किया गया पीओपी कार्य, लकड़ी का फर्नीचर और गैलरी के कांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मलबा सड़क तक फैल गया, जिससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। पास के एक अन्य मकान की छत को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
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कमरे में लगा था गीजर, कई महीनों से बंद था
मकान मालिक राम सोनी ने बताया कि वे पहले ऊपर बने कमरे में रहते थे। जहां बाथरूम में गर्म पानी के लिए गीजर लगा हुआ था। पिछले कई महीनों से वे उस कमरे का उपयोग नहीं कर रहे थे और नीचे ही रह रहे थे। उनका कहना है कि संभवत बंद पड़े कमरे में लगे गीजर से गैस रिसाव हुआ हो और उसी के कारण यह हादसा हुआ हे।
पुलिस ने भी गीजर विस्फोट को माना कारण
सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की, जहां प्रारंभिक जांच में पुलिस ने भी गीजर विस्फोट को ही हादसे का कारण बताया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रखे बर्तन तक गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। मौके से मजदूरों ने मकान का मलबा भी हटाया।
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