पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि थाना व्हाय.डी. नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 002/25 के तहत आरोपी अजय राठौर, निवासी मल्हारगढ़ और आदित्य पालीवाल, निवासी पिपलिया मंडी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2000 एवं बीएनएस की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत वांछित थे। फरारी के दौरान दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अजय राठौर ने ‘क्रोलिक’ नामक कंपनी शुरू कर चैन सिस्टम के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रलोभित किया। 15 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में भोले-भाले निवेशकों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की गई। शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न देकर उनका विश्वास जीता गया, इसके बाद कंपनी बंद कर दोनों आरोपी फरार हो गए।
तकनीकी चुनौती के बाद गिरफ्तारी
अजय राठौर एथिकल हैकिंग का कोर्स कर चुका है। फरारी के दौरान वह सिम-रहित मोबाइल, प्रॉक्सी नेटवर्क और वर्चुअल लोकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर पुलिस से बचता रहा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गहन तकनीकी विश्लेषण, डेटा ट्रैकिंग और मैदानी कार्रवाई के बाद फरीदाबाद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक एप्पल आईपैड, तीन मोबाइल फोन और एक महिंद्रा थार वाहन जब्त किया है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। आरोपियों से ठगी की रकम, संपत्तियों और नकद राशि को लेकर पूछताछ जारी है।
मंदसौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी योजना या कंपनी में निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। अधिक मुनाफे के लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवाने से बचें और सतर्क, सावधान व जागरूक रहें।
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