रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल के बीच चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए कड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किए हैं. सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में इमरजेंसी सेवाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.
सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी
निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 24×7 आपातकालीन सेवाएं संचालित की जाएंगी. जूनियर और सीनियर रेज़िडेंट के साथ-साथ फैकल्टी सदस्यों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी. सभी प्राचार्य और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट हड़ताल की अवधि में कॉलेज परिसर में मौजूद रहेंगे.
आपातकालीन सर्जरी जारी रहेंगी
हड़ताल के दौरान रूटीन और इलेक्टिव ऑपरेशन पूरी तरह से बंद रहेंगे, लेकिन सभी आपातकालीन सर्जरी जारी रहेंगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गंभीर मरीज का इलाज नहीं रुकेगा. एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचें आपातकालीन और भर्ती मरीजों को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएंगी. वहीं पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी लैब बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी.
शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेजों की पढ़ाई और परीक्षाएं अपने तय शेड्यूल के अनुसार चलती रहेंगी और शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालात की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर फैकल्टी की शीतकालीन छुट्टियां रद्द करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
ड्यूटी में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
इसके साथ ही सरकार ने चेतावनी दी है कि ड्यूटी में लापरवाही या आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. व्यवस्थाओं की रोजाना शाम 4 बजे समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी.
सरकार का साफ संदेश है कि हड़ताल चाहे जैसी भी हो, मरीजों की जान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
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