करनाल में दुकानों को सील करते कर्मचारी
करनाल नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के आदेशानुसार निगम दुकानों का किराया न चुकाने वाले डिफाल्टर दुकानदारों के खिलाफ बुधवार को कार्रवाई की गई। इस दौरान गांव कम्बोपुरा, नावल्टी रोड व कर्ण ताल मार्केट की 3 दुकानों को सील किया गया।
निगमायुक्त ने बताया कि कार्रवाई के लिए 8 दुकानों की सूची तैयार की गई थी। इनमें से 3 दुकानों को सील किया गया है। इन पर 9 लाख 2 हजार 853 रुपए किराया बकाया था। उन्होंने बताया कि सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए 5 किराएदारों ने नगर निगम कार्यालय में आकर 7 लाख 45 हजार 696 रुपए का भुगतान कर दिया।
नोटिस के बावजूद जमा नहीं कराया किराया
उन्होंने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई करने से पहले उपरोक्त संबंधित दुकानदारों को कई बार नोटिस भी जारी किए गए थे, परंतु उन द्वारा नोटिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके बाद दुकानों को सील करने व कब्जे में लेने की कार्रवाई प्रारंभ की गई, जिसके फलस्वरूप बुधवार को इसे अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि उपरोक्त के मद्देनजर, हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 408-ए (1) के तहत उक्त दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई।
सीलिंग कार्रवाई शांतिपूर्ण संपन्न हो सके, इसके लिए कार्यकारी अभियंता प्रदीप कल्याण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। एन्फोर्समेंट टीम में सचिव रामकरण भारद्वाज, रेंट सहायक राम सिंह, सहायक मनोज मान, एक्सपर्ट करण शर्मा, सुनील राणा तथा उनकी टीम व पुलिस बल मौजूद रहा।
करनाल में नगर निगम टीम द्वारा सील की गई दुकान के बाहर नोटिस लगाते कर्मचारी।
15 दुकानों पर जल्द होगी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपए से ऊपर के बकाया किराएदारों को अंतिम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नगर निगम द्वारा ऐसे 15 किराएदारों की सूची तैयार की गई है। अगर यह दुकानदार शीघ्र अति शीघ्र किराया जमा नहीं करवाते, तो नगर निगम इन दुकानों को वापस कब्जे में ले लेगा।

करनाल में दुकानों को सील करते कर्मचारी
10 हजार से ऊपर के बकाया किराएदारों को भी नोटिस
उन्होंने बताया कि किराया शाखा द्वारा 10 हजार रुपए से ऊपर के बकाया किराएदारों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे 105 किराएदारों को नोटिस भेजकर किराया जमा करवाने के लिए लिखा गया था। अगर वह नगर निगम कार्यालय में शीघ्र किराया जमा नहीं करवाते, तो उनकी दुकानों को भी निगम अपने कब्जे में लेगा।
उन्होंने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही। डिफॉल्टर किराएदारों की दुकानों को सील कर कब्जे में लेने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने आंशिक भुगतान करने वाले किराएदारों से भी अपील की है कि वह अपने शेष भुगतान को निगम कार्यालय में जल्द जमा करवाएं। उन्होंने डिफॉल्टर किराएदारों को चेतावनी देते कहा कि अभी भी समय है, वह अपने बकाया रेंट को नगर निगम के खजाने में जमा करवा दें, अन्यथा नगर निगम दुकान को वापस कब्जे में ले लेगा।