सफदरजंग अस्पताल की ओटी में एनेस्थीसिया विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार को सेवाएं न देने की घोषणा की है। इसके कारण अस्पताल में प्लान सर्जरी प्रभावित हो सकती है, हालांकि इमरजेंसी ओटी पहले की तरह चलती रहेगी। इस संबंध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने चिकित्सा निदेशक को पत्र भेजा है।
आरडीए के एक पदाधिकारी ने बताया कि सीटीवीएस विभाग प्रमुख ने आईसीयू में एनेस्थीसिया विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ शारीरिक हिंसा और गाली-गलौज की। आरोप है कि मामले की जांच कर रही कमेटी पूर्वाग्रह से ग्रसित है। विभाग प्रमुख पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं।
कमेटी ने उनसे लिखित और मौखिक माफी दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब माफी के मुद्दे पर टालमटोल किया जा रहा है और रेजिडेंट डॉक्टर पर मामले को खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है। आरडीए इसका विरोध कर रही है।
रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन भी सामने आई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनीष जांगड़ा ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर के आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। अस्पताल प्रशासन तुरंत उचित कार्रवाई करे और बिना देरी लिखित माफी जारी की जाए।