नौगामा खाप के गांव पोंकरी खेड़ी की बेटी डॉ. संगीता ढुल ने विदेश की धरती पर वैज्ञानिक बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। पोलैंड में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पद पर उनका चयन हुआ है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार और गांव के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरी ढुल खाप और हरियाणा की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।डॉ. संगीता ढुल किसान एवं बीकेयू जींद के जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल की सुपुत्री हैं।
गांव के साधारण सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई की शुरुआत करने वाली संगीता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में पीएचडी पूरी की और डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज वह पोलैंड में वैज्ञानिक के रूप में देश-विदेश में भारत का झंडा बुलंद कर रही हैं।पिछले साल अप्रैल में इटली में आयोजित विश्व सम्मेलन में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और अपनी शोध प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया था।
शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय ढुल खाप ने कैथल में आयोजित ढुल सम्मेलन में उन्हें “खाप रत्न” सम्मान से भी सम्मानित किया था।ढुल खाप प्रधान चौधरी हरपाल ढुल ने कहा, “संगीता ने साबित कर दिया कि अगर इरादे पक्के हों तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है। हमारी खाप की हर बेटी के लिए वह मिसाल है।
गांव पोंकरी खेड़ी के सरपंच राजकुमार ढुल, नौगामा खाप प्रधान चौधरी सुरेश बहबलपुर और कंडेला खाप प्रधान चौधरी ओमप्रकाश ढुल ने भी डॉ. संगीता और उनके परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि संगीता जैसी बेटियां खाप की शान हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनेंगी।गांव में खुशी की लहर है। लोग एक-दूसरे को मिठाई बांट रहे हैं और संगीता की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। खाप की इस बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हरियाणा की धरती बेटियों के लिए किसी भी मंजिल से कम नहीं।