आरोप: दुकान में आग लगा बाहर से बंद किया ताला, प्राथमिकी दर्ज
रितिका चौरसिया के पिता पुरुषोत्तम चौरसिया निवासी परसिया (रसड़ा) घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि नीरज के भाई दिलीप, पिता झूलन व मां कांती देवी साजिश कर दामाद व बेटी को परेशान करते थे। दीपक व नीरज ने अपनी कमाई से संयुक्त रूम से मां के नाम पर मटही मार्ग पर जमीन खरीद कर मकान बनवाकर दुकान चलाते थे। बड़ा भाई कहीं बाहर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। बाद में आकर उक्त जमीन में हिस्सेदारी मांगने लगा। इसपर उसे भी हिस्सेदारी दे दी। इधर बीच नीरज की मां उसपर मकान खाली करने का दबाव बना रही थी। नीरज कुछ दूरी पर जमीन खरीद कर दुकान बनाकर उसमें जाने वाले था। बेटे के मुंडन पर गृह प्रवेश कराया था। आरोप है कि अच्छा व्यवसाय देखकर मां, भाइयों व पिता को चढ़ाकर साजिश रच कर दुकान में आग लगाकर बाहर से ताला बंद कर दिया। थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने कहा कि विवाहिता के पिता की तहरीर पर सास, जेठ, ससुर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
छह वाटर टेंडर पर 24 जवानों ने 11 घंटे बाद आग पर पाया काबू
मकान में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड के जवानों को 11 घंटे का समय लग गया। आग बुझाने में रसड़ा फायर स्टेशन की दो, निछुआडीह एक, बांसडीह से एक व बलिया स्टेशन से दो वाटर टैंकर सहित छह दमकल के वाहन आग बुझाने में लगे थे। दस राउंड पानी भरकर लाया गया। 24 दमकलकर्मी मुस्तैद रहे। सीएफओ भारतेन्दु जोशी ने बताया कि तीन बजे के करीब सूचना मिली तो पहली गाड़ी रसड़ा से पहुंची। गोदाम में भारी मात्रा में रिफाइंड तेल और अन्य ज्वलनशील किराना सामान होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। आग बुझाने के बाद भी धधक जा रही थी। शाम तक गोदाम से धुआं उठता रहा। गेट तोड़ने के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका तो दमकलकर्मियों ने गोदाम के पीछे की दीवार तोड़कर आग पर काबू पाया। जेसीबी से पीछे की दीवार तोड़ने पर पुलिस ने रोक दिया।
16 बोरी सिक्का, जले हुए नोट, भारी मात्रा में मिले आभूषण
नीरज जिस कमरे में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था उसका सभी समान आग में जल गया था। पुलिस को उसके कमरे की लमारी से 16 बोरी में एक-दो व पांच के सिक्के मिले। वहीं, भारी मात्रा में आभूषण मिले।



