देशभर में जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 33 व्यक्तियों को इस वर्ष जल प्रहरी सम्मान 2025 से नवाजा जाएगा। यह सम्मान भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नमामि गंगे और जल जीवन मिशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।
सम्मान समारोह 11 दिसंबर को नई दिल्ली के न्यू महाराष्ट्र सदन में आयोजित होगा। इस वर्ष चयनित 33 जल प्रहरियों में गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि शामिल हैं।
जूरी की अध्यक्षता न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी करेंगी और इसमें जल विज्ञान, सामुदायिक जल प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हैं।
जूरी ने उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी, जिनमें जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन का प्रभाव दिखाया गया। समारोह में सीआर पाटिल (जल शक्ति मंत्री), राजभूषण चौधरी (राज्य मंत्री, जल शक्ति), रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री), राजीव प्रताप रूडी (अध्यक्ष, संसदीय समिति) और सांसद मनोज तिवारी सहित कई नेता शामिल होंगे।
राज्यवार चयनित किए गए हैं जल प्रहरी
जल प्रहरी सम्मान 2025 के लिए जिन 33 व्यक्तियों का चयन हुआ है, उनमें बिहार से कामिनी कुमारी और किशोर जायसवाल, छत्तीसगढ़ से भोज कुमार साहू और तरुण वैद्य, दिल्ली से सब्यसाची भारती, गुजरात से बृजकिशोर गुप्ता, धवल पंड्या और डॉ. नीलकुमार देसाई, झारखंड से अरिंदम चौधरी, बिभु चौधरी और किशोर जायसवाल, कर्नाटक से धनलक्ष्मी रामचंद्र, मध्य प्रदेश से आकांक्षा सैमुअल और डॉ. लाल सिंह किरार, महाराष्ट्र से अनिरुद्ध तोडकर, डॉ. एचएम पाटिल, एकनाथ मोतीलाल और सोनू पाटिल भीला, पंजाब से पुनीत खन्ना, राजस्थान से नेहपाल सिंह और रामेश्वर लाल मीणा, तेलंगाना से रिजवानबाशा शेख, उत्तर प्रदेश से डॉ. बिंदिया सक्सेना, हिमांशु नागपाल, मधुकर स्वयंभू, निर्मल यादव, राजेश कुमार शुक्ला, संजय राणा, साकेत, सोनाक्षी, सुमन साहा और गौतम सिंह और उत्तराखंड से विनोद सिंह खाती और आकांक्षा कोंडे शामिल हैं।
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