दमोह जिले के पथरिया ब्लाक अंतर्गत आने वाले किशनगंज गांव में मंगलवार की शाम स्कूल में खेलते समय कुछ बच्चों ने जहरीले अरंडी के बीज खा लिए। कुछ देर बाद घर पहुंचने पर उन्हें उल्टियां हुईं तो परिजन घबरा गए। एक के बाद एक 30 से अधिक बच्चे बीमार हुए इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और सभी बच्चों को तत्काल ही इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां कलेक्टर के निर्देश पर 6 से अधिक डॉक्टरों की टीम के द्वारा सभी बच्चों का इलाज शुरू किया गया। घटना की जानकारी लगते ही एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी और पथरिया एसडीएम निखत चौरसिया भी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों के परिजनों से जानकारी ली।एक बच्चे की मां जानकी पटेल ने बताया कि किशनगंज गांव के ही शासकीय मिडिल स्कूल में यह सभी बच्चे पढ़ते हैं। मंगलवार की शाम स्कूल में खेलते समय इन बच्चों ने अरंडी के बीज खा लिए और उसके बाद जब वह घर पहुंचे तो कुछ देर के बाद उन्हें उल्टियां शुरू हो गई। गांव के कई परिवारों में इसी प्रकार का आलम था। सभी बच्चे उल्टियां कर रहे थे तो गांव में हड़कंप के हालत बन गए। बच्चों ने बताया कि उन्होंने स्कूल में मूंगफली की तरह दिखने वाला एक बीज खा लिया था, जिसके बाद उन्होंने उल्टियां होना शुरू हुई। सभी बच्चों को ऑटो और एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाया गया।
क्टर विक्रांत चौहान, डॉक्टर सोनू शर्मा, सिविल सर्जन डॉक्टर पहलाद पटेल व अन्य डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी में सभी बच्चों का इलाज शुरू किया गया है। इलाज के बाद बच्चों की सेहत में सुधार हो रहा है। घटना की जानकारी लगते ही एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि चंपत पिपरिया गांव में अरंडी के बीज खाने से 30 से अधिक बच्चे बीमार हुए हैं। जिनको जिला अस्पताल लाया गया है। वह अस्पताल पहुंचे हैं और परिजनों से जानकारी ली है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की एक टीम भी गांव भेजी गई है। पथरिया एसडीएम निखत चौरसिया ने बताया कि बच्चों की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कल ही टीम को भेजकर स्कूल के आसपास का निरीक्षण करवाया जाएगा। यदि अरंडी के बीज के पौधे वहां लगे होंगे तो सभी पौधों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही परिजनों को इस प्रकार के विषैला पौधों और उनके फलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।