सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित जिला नागरिक अस्पताल में अब गंभीर मरीजों का इलाज संभव हो गया है। सर्जिकल वार्ड में पांच बिस्तर का अत्याधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) शुरू की गई। इसमें वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। आईसीयू में गंभीर मरीजों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा मिलेगी। पहले गंभीर मामलों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता था। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने पर वे दम तोड़ जाते थे।
जिला अस्पताल में आईसीयू वार्ड की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोग काफी समय से विभाग के अधिकारियों से आईसीयू शुरू करने की मांग कर रहे थे। आईसीयू के अभाव में क्रिटिकल केस वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए ज्यादातर पीजीआई, रोहतक भेजना पड़ता था जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती थी।
आईसीयू की स्थापना का कार्य अक्तूबर में पूरा कर लिया था। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने ट्रायल के आधार पर आईसीयू 8 नवंबर से शुरू कर दिया था। 30 नवंबर तक सात मरीज ठीक हो चुके हैं।
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आईसीयू में मिलेंगी सुविधाएं
जिला नागरिक अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थापित किए गए इस आईसीयू में पांच वेंटिलेटर बिस्तर स्थापित किए गए हैं। आईसीयू को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ा गया है। इसके अलावा यहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टी पैरा मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लैरिंगो स्कोप समेत तमाम अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
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आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में सेवा देंगे चिकित्सक
आईसीयू में तीन फिजिशियन, चार चिकित्सक, तीन नर्सिंग ऑफिसर व तीन बेहोशी विशेषज्ञ (एनेस्थीसिया) भी तैनात रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 दिसंबर से आठ-आठ घंटे का शिफ्ट वाइज रोस्टर लागू कर दिया गया है। अब नागरिक अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आईसीयू खुलने से गंभीर मरीजों को फायदा
अस्पताल में आईसीयू खुलने के बाद दिल की बीमारी, कोमा वाले मरीज, सर्जरी वाले मरीज या अन्य किसी गंभीर बीमारी के इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज अब आसानी से होगा। 8 नवंबर से अब तक गंभीर बीमारियों से पीड़ित सात मरीज ठीक हो चुके हैं। अब आईसीयू की सुविधा अस्पताल की सेवाओं को और मजबूत करेगी।
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वर्जन
जिला अस्पताल में शुरू किए गए आईसीयू वार्ड में 24 घंटे सातों दिन मरीजों को सेवा मिलेगी। इसके लिए अलग से डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। आईसीयू की स्थापना से विशेष रूप से गरीब वर्ग के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। गंभीर मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर लागू हो चुका है। आईसीयू उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों का तत्काल इलाज संभव होगा। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन।
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