जालंधर के नूरमहल के मोहल्ला संत नगर में स्थित पुराने मंदिर परिसर में करीब 200 साल पुराना हरा-भरा बोहड़ का प्राचीन पेड़ काटे जाने का मामला सामने आने से इलाके में भारी रोष फैल गया है। लोगों का कहना है कि यह पेड़ न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि धार्मिक आस्था का भी केंद्र था।
शिकायतकर्ता राज बहादुर सीनियर निवासी मोहल्ला संतोखियां नूरमहल ने प्रशासन को दी शिकायत में बताया कि संत नगर नूरमहल रोड स्थित पुराने मंदिर में लगभग 30 से 40 फीट ऊंचा और 5 से 6 फीट मोटा बोहड़ का विशाल पेड़ लगा हुआ था, जिसके साथ पीपल का पेड़ भी था। यह प्राचीन पेड़ करीब 200 साल पुराना बताया जा रहा है और लोग इसकी पूजा-अर्चना भी करते थे।
आरोप है कि 3 मार्च को मंदिर में रहने वाले केयरटेकर कमल कुमार ने उक्त पेड़ को कटवा दिया। जब आसपास के लोगों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। बताया जा रहा है कि काटी गई लकड़ी को गाड़ी में भरकर ले जाने की कोशिश भी की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 200 साल पुराने हरे-भरे प्राचीन पेड़ को इस तरह काटना पर्यावरण के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं पर भी सीधा आघात है। घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस ने मौके का दौरा भी किया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राचीन पेड़ काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इस संबंध में शिकायत की प्रतियां पंजाब सरकार, डिप्टी कमिश्नर जालंधर, एसएसपी जालंधर, डीएसपी फिल्लौर और थाना नूरमहल को भी भेजी गई हैं।
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