शिवपुरी पुलिस ने महाराष्ट्र में फंसे ग्राम सेंवड़ा, सुभाषपुरा के 15 आदिवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके गांव वापस पहुंचाया है। पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए अंतर-राज्यीय समन्वय से यह कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की।
24 दिसंबर 2025 को ग्राम सेंवड़ा निवासी अशोक आदिवासी सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिवपुरी और थाना सुभाषपुरा में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि लगभग ढाई माह पहले सोलापुर, महाराष्ट्र से आए एक ठेकेदार ने गन्ना कटाई के लिए मजदूरों की तलाश की थी। उसने नीतेश आदिवासी से संपर्क कर पांच परिवारों के 23-24 लोगों को सोलापुर ले जाया था।
15 मजदूर फंसे रह गए थे बाद में कुछ मजदूर लौट आए, लेकिन तीन परिवारों के 14-15 सदस्य वहीं फंसे रह गए। पीड़ितों ने फोन पर बताया कि नीतेश उनकी मजदूरी की रकम लेकर वापस आ गया था, जिसके कारण ठेकेदार उन्हें काम या भुगतान के नाम पर रोक रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ित परिवारों को आश्वस्त करते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। मोबाइल लोकेशन के आधार पर मजदूरों के सोलापुर जिले के पंढरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिराची किरौली में होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद शिवपुरी पुलिस ने सोलापुर पुलिस से संपर्क साधा। सोलापुर के पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी और एसडीओपी पंढरपुर प्रशांत डगले के सहयोग से स्थानीय टीम मौके पर पहुंची।
कथित ठेकेदार ही मजदूरों की राशि ले आया था पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार बनकर गया नीतेश ही मजदूरों की मजदूरी लेकर चला आया था, जिससे वे आर्थिक रूप से असहाय होकर वहां फंस गए थे। मजदूरों के पास वापस लौटने के लिए कोई साधन नहीं था और लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष क्रूजर वाहन की व्यवस्था की।
सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर, 15 आदिवासी मजदूरों को सोलापुर से शिवपुरी लाकर उनके ग्राम सेंवड़ा, थाना सुभाषपुरा में सुरक्षित पहुंचाया गया। इनमें बनवारी (38), सरबती (35), नीलम (18), रामबरन (11), लालाराम, सोमबती, ललिता, संदीप, साजन, नंदनी, संतोष, काजल, सुजना और संगीता शामिल हैं।
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