महोबा। नहरों की सफाई के दौरान बरती गई लापरवाही व मनमानी किसानों को भारी पड़ रही है। टेल तक पानी न पहुंचने से रबी फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है, इससे किसान परेशान हैं। नहर सफाई के नाम पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। नहर में कहीं झाड़ियां उगी हैं तो कहीं मिट्टी नहीं हटाई गई।
जनपद में उर्मिल, अर्जुन, कबरई, मझगवां, चंद्रावल आदि बांधों से मुख्य नहरें व 127 सहायक नहरें निकली हैं। रबी फसल की सिंचाई के लिए इन्हीं नहरों के माध्यम से पानी टेल तक पहुंचाया जाता है, ताकि किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सके। रबी फसल की बोआई से पहले नहरों की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होती है। सिंचाई विभाग की ओर से इस बार 1.25 लाख रुपये की लागत से नहरों की सफाई का काम कराया गया है। इसके बाद भी नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने से किसान परेशान हैं। सर्वाधिक दिक्कत श्रीनगर व खरेला क्षेत्र के किसानों को हो रही है। किसानों को चिंता है कि यदि समय से फसल को पानी नहीं दिया गया तो रबी की फसल प्रभावित हो सकती है, इससे उनकी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
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केस-एक
अर्जुन मुख्य नहर में जगह-जगह लगीं झाड़ियां
महोबा। तहसील चरखारी के अस्थौन गांव के पास स्थित अर्जुन बांध से निकली मुख्य नहर धवारी, परथनिया, पुन्नियां, बसौठ, पच्चू का डेरा, पहाड़ी मौजा, खरेला आंशिक भाग से होते हुए गहरौली तक जाती है। इस नहर में अभी तक टेल तक पानी नहीं पहुंचा। नहर में जगह-जगह झाड़ियां मौजूद हैं। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। यदि सही तरीके से नहर की सफाई कराई जाती तो टेल तक पानी आसानी से पहुंचता और किसानों को परेशानी नहीं होती।
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केस-दो
उर्मिल से निकली नहर में टेल तक नहीं पहुंचा पानी
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से निकली मुख्य नहर की सफाई में भी लापरवाही बरती गई। इस नहर के माध्यम से भंडरा, मवई, सिजवाहा, गोपालपुर, धोबी खोड़ा आदि गांवों के कृषि भूभाग में सिंचाई के लिए पानी पहंचता रहा है। इस बार नहर में सफाई सही तरीके से न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंचा। नहर में बीच-बीच में झाड़ियां लगी हुई हैं। कहीं-कहीं मिट्टी मौजूद है जिसे नहीं हटाया गया। टेल तक पानी न पहुंचने से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
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बिना पानी के खराब हो जाएगी रबी फसल
भंडरा निवासी किसान उम्मेद सिंह का कहना है कि इस बार बारिश ठीक हुई है। बांध भी भरा हुआ है। सिंचाई विभाग सही तरीके से नहर की सफाई कराता तो टेल तक पानी पहुंचता लेकिन कार्य में लापरवाही के चलते अभी तक पानी टेल तक नहीं आया, इससे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
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मवई निवासी किसान लक्ष्मण सिंह कहते हैं कि नहर में पानी टेल तक न पहुंचने से फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में सिंचाई के अभाव में फसल बर्बाद हो सकती है। विभागीय अधिकारियों को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को फसल के लिए समय से पानी मिल सके।
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नहरों में धीरे-धीरे पानी छोड़ा जा रहा है, इससे टेल तक पानी पहुंचने में समय लग रहा है। नहरों की सफाई का काम पहले ही कराया जा चुका है। किसानों की मांग आते ही नहरों में तेज गति से पानी छोड़ा जाएगा। बांधों में भरपूर पानी है। किसानों को सिंचाई के लिए मांग के अनुरूप पानी दिया जाएगा। -हीरालाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग महोबा।
फोटो 06 एमएएचपी 01 परिचय-अर्जुन बांध से निकली मुख्य नहर में जगह-जगह इस तरह लगीं झाड़ियां। संवाद– फोटो : टूंडला स्टेशन पर गांजा सहित पकउ़ा गया आरोपी व पुलिस टीम पुलिस
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