भास्कर न्यूज | गढ़वा प्रति वर्ष गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में कई शादियां हो रही है। लेकिन वर-वधु मैरेज सर्टिफिकेट प्राप्त करने को लेकर जागरूक नहीं देखे जा रहे हैं। हालांकि मैरेज सर्टिफिकेट एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे कानूनी रिकॉर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। मैरिज सर्टिफिकेट के प्रति लोगों को जागरूक नहीं रहने के कारण वर्ष 2020 से अभी तक नगर परिषद के मात्र 107 वर-वधुओं के बीच से मैरेज सर्टिफिकेट प्रदान किया जा चुका है। विदित हो कि झारखंड सरकार द्वारा मैरेज सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। झारखंड अनिवार्य विवाह निबंधन अधिनियम 2017 के अंतर्गत निबंधन करना है। विवाह पंजीकरण ऑनलाइन भी करवाया जा सकता है। पंजीकरण के बाद विवाहित जोड़ों की शादी कानूनी तौर पर मान्य मानी जाती है। पंजीकरण करवाने पर नागरिकों को मैरेज सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। यह सर्टिफिकेट कई तरह के सरकारी कामों में भी आवश्यक दस्तावेज के रूप में उपयोग किया जाता है। वर्ष मैरिज सर्टिफिकेट की संख्या किस वर्ष कितने लोगों को मिला मैरेज सर्टिफिकेट नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार मैरेज सर्टिफिकेट बनवाने वाले इच्छुक लोग पहले झार सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उन्हें नगर परिषद कार्यालय आना पड़ता है। नगर परिषद द्वारा नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस में लिखा लगता है कि इस शादी से किसी भी व्यक्ति को आपत्ति है तो नगर परिषद कार्यालय में आकर सूचना दे सकते हैं। अगर किसी को आपत्ति नहीं है तो पति पत्नी और तीन गवाह नगर परिषद कार्यालय में पहुंचेंगे। उसके बाद नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा उक्त लोगों को मैरिज सर्टिफिकेट देने का काम किया जाता है। मैरेज सर्टिफिकेट के लिए पति, पत्नी, जोड़ें, शादी, पहले गवाह, दूसरे गवाह व तीसरे गवाह का फोटो, पत्नी, पति, पहले गवाह, दूसरे गवाह व तीसरे गवाह का हस्ताक्षर, पति, पत्नी, पहले गवाह, दूसरे गवाह व तीसरे गवाह का आधार कार्ड, पति व पत्नी का मार्कशीट (जिसमें जन्मतिथि हो) पति व पत्नी का निवास प्रमाण पत्र, पति व पत्नी का जाति प्रमाण पत्र, शादी कार्ड, शपथ पत्र, राशन कार्ड व विवाह प्रमाण का फॉर्म आदि दस्तावेज जरूरी है। ^नगर परिषद द्वारा विवाह निबंधन प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है। विवाह निबंधन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रज्ञा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन कराने के बाद संबंधित वर-वधु का आवेदन नगर परिषद कार्यालय पहुंचता है। इसके बाद नगर परिषद के द्वारा नोटिस जारी की जाती है। -सुशील कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद
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